मौदहा में मिट्टी खनन माफियाओं का आतंक—सड़कें तबाह, अधिकारी मौन
हमीरपुर-रिपोर्ट संदीप धुरिया ब्यूरो हमीरपुर मौदहा-कस्बे में मिट्टी खनन माफियाओं का तांडव लगातार बढ़ता जा रहा है। टैक्स चोरी और खुलेआम अवैध खनन के बावजूद इनके हौसले इतने बुलंद हैं कि न स्थानीय प्रशासन का दबाव असर कर रहा है, न ही जिलाधिकारी की सख्ती का कोई प्रभाव दिखाई दे रहा है। “गड्ढा मुक्त अभियान” को धता बताते हुए माफिया रातों-रात नगर पालिका द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई सड़कों और पुलियाओं को मिट्टी ढोने के लिए तोड़ रहे हैं। करोड़ों के कारोबार के बावजूद यह पूरा नेटवर्क इनकम टैक्स व GST के दायरे से बाहर है, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और JCB के मालिक किसान होने का मुखौटा लगाकर अवैध धंधा संचालित कर रहे हैं।RTO विभाग की लापरवाही से मौदहा क्षेत्र में न तो ट्रैक्टर कमर्शियल दर्ज हैं और न ही ट्रॉलियां, जिससे माफियाओं को अवैध परिवहन में खुली छूट मिल गई है। नगरपालिका के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि सरकार द्वारा बनाई जा रही इंटरलॉकिंग, सड़कों और पुलियाओं को अंधेरे में मिट्टी माफिया बर्बाद कर रहे हैं।ताज़ा मामला वार्ड 3 पश्चिमी फत्तेपुर का है, जहाँ रातभर चले अवैध मिट्टी परिवहन से ओवरलोड ट्रैक्टरों ने मार्ग और पुलिया को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों में भारी रोष है, लेकिन कार्रवाई अब भी शून्य बनी हुई है। मौदहा में मिट्टी खनन माफिया के आतंक से जनता त्रस्त है, सड़कें बर्बाद हो रही हैं और प्रशासनिक चुप्पी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।