धनुष यज्ञ की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता।
सोहनपुर गौंड की आवाज संवाददाता बनकटा विकास खंड के सिकराहटा में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन भोजपुरी कथा वाचक श्रवण ब्यास ने संगीत मय कथा में रामविवाह में धनुष यज्ञ की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा वाचक श्रवण ब्यास ने कहा कि राजा जनक के यहां दिव्य धनुष था एक दिन जनक नंदनी गोबर लेपन के समय एक स्थान से दूसरे स्थान पर रख दिया यह देख महाराजा जनक चकित हो गये। उन्होंने ने निर्णय लिया कि जो शिव के धनुष को तोड़ेगा उसी से सीता का विवाह होगा।स्वयंर का आयोजन किया गया जिसमें दूर दूर से राजा पधारे सभी ने धनुष उठाने का प्रयास किया यहां तक की रावण ने भी धनुष उठाने का असफल प्रयास किया। स्वयंवर में विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण भी आये।राजा जनक ने चिंतित होकर कुछ वचन कह दिया जिस लक्ष्मण क्रोधित हो गए। विश्वामित्र ने राम के तरफ देखा और धनुष उठा कर प्रत्यंचा चढ़ाने की आज्ञा दी। गुरु की आज्ञा से राम ने धनुष भंग कर दिया। धनुष टूटते ही पूरा पंडाल जय सियाराम के उदघोष से गुंजायमान हो गया। ब्यास पीठ से मंगल लोक गीत,माटी कोड़वा का गीत की प्रस्तुति की गई।इस दौरान ओमप्रकाश पटेल दिलीप गुप्ता सुगा बाबा, श्रीभगवान, गोधन बाबा,बंटी पासवान कन्हैया बरनवाल अनिल मिश्रा संजय पाल नंदेश्वर चौहान दिलीप गुप्ता प्रेमसागर गुप्ता अमित कुशवाहा अशोक कुशवाहा , प्रधान प्रतिनिधि सूरज ठाकुर आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।