तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील बनता जा रहा सीमावर्ती इलाका
गौंड कि आवाज संवाददाता तारकेश्वर नाथ गुप्ता देवरिया सोहनपुर/बनकटा:यूपी बिहार का सीमावर्ती इलाका तस्करी की दृष्टि से काफी संवेदनशील होता जा रहा है।बता दें कि बनकटा और श्रीरामपुर दोनों थानों की सीमा का काफी बड़ा हिस्सा बिहार सीमा से सटा हुआ है।इन दोनों थानों के कई प्रमुख जगहों से शराब की बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है।वहीं क्षेत्र से पशु तस्करी एवं गांजा तस्करी के भी कई मामले सामने आ चुके हैं।विगत 27 सितंबर को बिहार के मैरवा थाने स्थित मझौली मोड़ के समीप से पुलिस ने तीन कुंतल 29 कि. गांजा के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया था।तस्करों द्वारा किशोरों एवं महिलाओं का भी उपयोग किया जा रहा है जिससे कि किसी को संदेह नहीं हो और तस्करी की गतिविधियां जारी रह सके।अभी दो दिन पहले ही बिहार की गुठनी पुलिस ने बेलौर के पास से एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार कर आठ लि शराब बरामद किया था।गिरफ्तार महिला अभियुक्त की पहचान बनकटा थाने के एक गांव की महिला की हुई थी।बता दें कि बिहार में शराबबंदी के बाद से क्षेत्र के दर्जनों किशोर,युवा एवं महिलाओं पर बिहार एवं यूपी में शराब तस्करी का मुकदमा दर्ज हो चुका है।लोगों का कहना है कि तस्कर क्षेत्र के किशोरों को भी गुमराह करके तस्करी के रास्ते पर ले जाते हैं जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ जाता है।