ग्रामीण गैस वितरक पर फर्जीवाड़ा का आरोप, वितरक ने आरोप जनप्रतिनिधि पर मढ़ा

गौड़ की आवाज, ब्यूरो प्रमुख कैमूर, बिहार। फ्री में और जल्दी काम कराने के चक्कर में अपने हस्ताक्षर युक्त डॉक्यूमेंट और फोटो स्थानीय जनप्रतिनिधि को देना महंगा,पड़ा| उज्ज्वला योजना के लिए फ्री गैस कनेक्शन में गैस चूल्हा, सिलेंडर, रेगुलेटर, सुरक्षा नली और पहले रिफिल के लिए आर्थिक सहायता पाने के चक्कर में डॉक्यूमेंट सबमिट करने पर न गैस मिला नडॉक्यूमेंट । शिकायतकर्ता के डॉक्यूमेंट के नाम पर दूसरे जिला में कनेक्शन चालू हो गया। उपभोक्ता को नहीं मिला कोई सामान, ना ही कनेक्शन से संबंधित कोई भी जानकारी। जब स्वयं कनेक्शन कराने गए उपभोक्ता तो मालूम चला उनके नाम से 2017 से ही कनेक्शन चल रहा है। ऐसे अनेकों उदाहरण कैमूर जिला के कुदरा प्रखंड के नेवरास गांव में है। इसलिए अपने कागजात देने पर अगर आपका काम नहीं हुआ तो कागज को वापस मांगना आपकी जिम्मेदारी नहीं तो आपके कागजात का दूसरे उठा लेते हैं लाभ।शिकायतकर्ता ने बताया की इस कार्य में एजेंसी वाले और संभ्रांत परिवार के कुछ लोग भी हैं शामिल। हालांकि शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री को ऑनलाइन शिकायत की है। भारत सरकार को ऑनलाइन की गयी शिकायत में विधि सम्मत कार्रवाई की मांग के साथ अपने नाम पर जारी कनेक्शन से संबंधित सारे सामान की मांग की है शिकायतकर्ता ने।
इस संबंध में रोहतास जिला के चेनारी में अवस्थित राजमनी एचपी गैस ग्रामीण वितरक के प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधि द्वारा संबंधित सभी दस्तावेज देने पर कनेक्शन दिया गया है। इस संबंध में नेवरास पंचायत के उप मुखिया अरविंद चंद्रवंशी ने बताया कि शिकायतकर्ता के साथ होने पर बात हो पाएगी। अब देखना यह है कि शिकायतकर्ता को इंसाफ मिलता है या प्रलोभन, डर या दबाव के कारण शिकायत को दूसरी दिशा में डाइवर्ट कर दिया जाता है।

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